दरभंगा में पहली बार माँ श्यामा महोत्सव, दीप प्रज्ज्वलित कर हुआ भव्य उद्घाटन

दरभंगा में पहली बार माँ श्यामा महोत्सव, दीप प्रज्ज्वलित कर हुआ भव्य उद्घाटन


दरभंगा में पहली बार माँ श्यामा महोत्सव, दीप प्रज्ज्वलित कर हुआ भव्य उद्घाटन

दरभंगा में माँ श्यामा महोत्सव 2026 का भव्य उद्घाटन, दीप प्रज्ज्वलित कर हुआ शुभारंभ

दरभंगा | 07 मार्च 2026 | RxTv BHARAT

मिथिला की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक परंपराओं के संरक्षण और संवर्धन के उद्देश्य से आयोजित माँ श्यामा महोत्सव 2026 का भव्य उद्घाटन शनिवार को दरभंगा राज परिसर स्थित माँ श्यामा मंदिर के समीप दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया।

उद्घाटन समारोह में माँ श्यामा मंदिर न्यास समिति के संरक्षक सह दरभंगा के विधायक संजय सरावगी, दरभंगा के जिलाधिकारी कौशल कुमार, न्यास समिति के अध्यक्ष डॉ. एस.एम. झा, उपाध्यक्ष कमलाकांत झा और प्रो. जयशंकर झा सहित कई गणमान्य व्यक्तियों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर महोत्सव का शुभारंभ किया।

पहली बार आयोजित हो रहा माँ श्यामा महोत्सव

इस अवसर पर जिलाधिकारी कौशल कुमार ने कहा कि यह अत्यंत हर्ष का विषय है कि पहली बार दरभंगा की पावन धरती पर माँ श्यामा महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मिथिला क्षेत्र प्राचीन काल से ही अपनी समृद्ध सांस्कृतिक, दार्शनिक और आध्यात्मिक परंपराओं के लिए विश्व प्रसिद्ध रहा है।

दरभंगा में पहली बार माँ श्यामा महोत्सव, दीप प्रज्ज्वलित कर हुआ भव्य उद्घाटन

उन्होंने कहा कि दरभंगा राज परिसर का ऐतिहासिक महत्व अत्यंत विशिष्ट रहा है और माँ श्यामा मंदिर की स्थापना तांत्रिक विधि से की गई थी। राज परिवार की चिताओं पर स्थापित यह मंदिर अपनी विशेष आध्यात्मिक महिमा के लिए जाना जाता है और इसकी ख्याति देश-विदेश तक फैली हुई है।

मिथिला की सांस्कृतिक विरासत पर दिया गया जोर

जिलाधिकारी ने कहा कि मिथिला में शैव और शाक्त परंपरा का गहरा प्रभाव रहा है और यह क्षेत्र दार्शनिक चिंतन का महत्वपूर्ण केंद्र रहा है। संगीत के क्षेत्र में भी मिथिला का विशेष स्थान है। दरभंगा का ध्रुपद घराना भारत के चार प्रमुख ध्रुपद घरानों में अपनी विशिष्ट पहचान रखता है।

दरभंगा में पहली बार माँ श्यामा महोत्सव, दीप प्रज्ज्वलित कर हुआ भव्य उद्घाटन

उन्होंने यह भी कहा कि मिथिला की प्रसिद्ध लोक चित्रकला परंपरा आज विश्व स्तर पर सम्मानित है और यह न केवल सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक है बल्कि स्थानीय लोगों के लिए रोजगार का महत्वपूर्ण माध्यम भी है।

कई सांस्कृतिक कार्यक्रमों का होगा आयोजन

माँ श्यामा महोत्सव के अंतर्गत कवि गोष्ठी, विद्वत गोष्ठी, चित्रकला कार्यशाला और विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। इन गतिविधियों के माध्यम से जिला प्रशासन मिथिला की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित और विकसित करने का संदेश देना चाहता है।

दरभंगा में पहली बार माँ श्यामा महोत्सव, दीप प्रज्ज्वलित कर हुआ भव्य उद्घाटन

इस अवसर पर माँ श्यामा मंदिर और दरभंगा राज परिवार के इतिहास पर आधारित एक विशेष डॉक्यूमेंट्री फिल्म का भी प्रदर्शन किया गया।

श्रद्धालुओं की आस्था का बड़ा केंद्र है माँ श्यामा मंदिर

दरभंगा के विधायक संजय सरावगी ने कहा कि माँ श्यामा माई मंदिर मिथिला ही नहीं बल्कि पूरे देश और विदेश के श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है। यहाँ आने वाले भक्तों की मनोकामनाएँ पूर्ण होती हैं।

दरभंगा में पहली बार माँ श्यामा महोत्सव, दीप प्रज्ज्वलित कर हुआ भव्य उद्घाटन

उन्होंने बताया कि कला एवं संस्कृति विभाग द्वारा माँ श्यामा महोत्सव के आयोजन को स्वीकृति प्रदान की गई है और अब यह महोत्सव प्रत्येक वर्ष भव्य रूप से आयोजित किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि माँ श्यामा माई मंदिर का निर्माण दरभंगा राज परिवार के महान शासक महाराजाधिराज कामेश्वर सिंह द्वारा कराया गया था और यह मंदिर मिथिला की शक्ति और आस्था का प्रतीक है।

कई गणमान्य लोग रहे उपस्थित

कार्यक्रम में अपर समाहर्ता (आपदा प्रबंधन) सलीम अख्तर, अपर समाहर्ता राजस्व मनोज कुमार, उप निदेशक जनसंपर्क सत्येंद्र प्रसाद, नजारत उप समाहर्ता पवन कुमार यादव, जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी चंदन कुमार सहित कई प्रशासनिक पदाधिकारी उपस्थित रहे।

इसके अलावा डॉ. ए.डी.एन. सिंह, डॉ. रमेश झा, विनोद कुमार, डॉ. मित्रनाथ झा, डॉ. अशोक सिंह, डॉ. आर.बी. खेतान और पंडित श्यामा ठाकुर सहित कई गणमान्य नागरिक भी समारोह में शामिल हुए।


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