कार्यस्थल पर महिलाओं के लैंगिक उत्पीड़न निवारण अधिनियम 2013 के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर जिला स्तरीय प्रशिक्षण
डीएम कौशल कुमार व एसएसपी जगुनाथ रेड्डी ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया कार्यक्रम का शुभारंभ
RxTv BHARAT | दरभंगा | 11 मार्च 2026
● कार्यस्थल पर महिलाओं की सुरक्षा और गरिमा सुनिश्चित करने पर जोर
● अधिकारियों को POSH Act 2013 के प्रावधानों की दी गई जानकारी
● SHe-Box पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया बताई गई
कार्यस्थल पर महिलाओं के लिए सुरक्षित, सम्मानजनक एवं लैंगिक समानता पर आधारित वातावरण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से “महिलाओं का कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीड़न (निवारण, प्रतिषेध एवं प्रतितोष) अधिनियम, 2013” के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर दरभंगा में जिला स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत डीपीओ आईसीडीएस द्वारा सभी आगत अतिथियों को जल जीवन हरियाली का प्रतीक पौधा देकर सम्मानित करने के साथ हुई। इसके बाद भीमराव अंबेडकर सभागार में जिलाधिकारी कौशल कुमार और वरीय पुलिस अधीक्षक जगुनाथ रेड्डी ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर प्रशिक्षण सत्र का शुभारंभ किया।
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिले के सभी अनुमंडलों एवं विभिन्न विभागों में गठित आंतरिक शिकायत समिति तथा स्थानीय शिकायत समिति के अध्यक्षों एवं सदस्यों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य कार्यस्थलों पर महिलाओं की सुरक्षा और गरिमा सुनिश्चित करने के लिए अधिनियम के प्रावधानों के प्रति अधिकारियों और कर्मियों को जागरूक करना था।
जिला पदाधिकारी कौशल कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि कार्यस्थल पर महिलाओं की गरिमा और सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने सभी विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे अपने-अपने कार्यालयों में इस अधिनियम के प्रावधानों का पूर्णतः पालन सुनिश्चित करें और महिलाओं के लिए सुरक्षित कार्य वातावरण तैयार करें।
वरीय पुलिस अधीक्षक जगुनाथ रेड्डी ने कहा कि महिलाओं को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होना चाहिए और किसी भी प्रकार के लैंगिक उत्पीड़न की स्थिति में बिना किसी भय के शिकायत दर्ज करानी चाहिए। उन्होंने भरोसा दिलाया कि प्रशासन और पुलिस विभाग महिलाओं की सुरक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
राज्य परियोजना प्रबंधक महिला एवं विकास निगम श्रीमती अंकिता कश्यप ने पीपीटी के माध्यम से सभी प्रतिभागियों को अधिनियम के विभिन्न प्रावधानों, शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया, जांच की विधि तथा समिति की जिम्मेदारियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि SHe-Box पोर्टल के माध्यम से महिलाएं ऑनलाइन शिकायत दर्ज करा सकती हैं।
प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को यह भी बताया गया कि किसी भी प्रकार की लैंगिक उत्पीड़न की शिकायत प्राप्त होने पर समिति द्वारा निष्पक्ष, गोपनीय और समयबद्ध जांच सुनिश्चित की जानी चाहिए ताकि पीड़ित महिला को न्याय मिल सके।
कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागियों ने प्रशिक्षण को अत्यंत उपयोगी बताया और इसे कार्यस्थलों पर अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताया।




