बिहार के मिड-डे मील में बड़ा खुलासा, कई स्कूलों के भोजन में मिला E.Coli बैक्टीरिया
RxTv BHARAT | 16 मार्च 2026 | पटना
RxTv BHARAT: बिहार के सरकारी स्कूलों में चल रही मध्याह्न भोजन योजना (PM Poshan/MDM) को लेकर एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। विद्यालयों में बनाए जा रहे पके भोजन के नमूनों की जांच के दौरान कुछ स्कूलों के भोजन में E.Coli बैक्टीरिया पाए गए हैं। इस संबंध में शिक्षा विभाग के मध्याह्न भोजन योजना निदेशालय ने सभी जिलों को सतर्क करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
जांच में सामने आई गंभीर लापरवाही
• जांच दिल्ली की Avon Food Lab Pvt. Ltd. द्वारा कराई गई
• बच्चों में पेट संक्रमण, दस्त और उल्टी जैसी बीमारी का खतरा
• शिक्षा विभाग ने सभी जिलों को जारी किए सख्त निर्देश
• भोजन बनाने, भंडारण और पानी की स्वच्छता पर विशेष जोर
निदेशालय द्वारा जारी पत्र के अनुसार विद्यालयों और केंद्रीकृत रसोईघरों में तैयार किए जा रहे पके भोजन के नमूनों की जांच Avon Food Lab Pvt. Ltd., दिल्ली से कराई जा रही है। जांच के दौरान कुछ जिलों के चयनित विद्यालयों में भोजन के नमूनों में E.Coli बैक्टीरिया पाए गए, जिसे गंभीर स्वास्थ्य जोखिम माना गया है।
निदेशक विनायक मिश्र (भा.प्र.से.) ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए सभी जिला कार्यक्रम पदाधिकारियों को पत्र जारी कर आवश्यक सावधानी बरतने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि भोजन की गुणवत्ता और बच्चों की सेहत से किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
E.Coli बैक्टीरिया से हो सकती हैं ये बीमारियां
जांच रिपोर्ट के अनुसार यदि भोजन में E.Coli बैक्टीरिया मौजूद हो तो इससे बच्चों में कई तरह की बीमारियां हो सकती हैं। इनमें मुख्य रूप से पेट में संक्रमण, दस्त, उल्टी, पेट में ऐंठन और गैस संबंधी समस्याएं शामिल हैं। विशेषज्ञों के अनुसार बच्चों पर इसका असर अधिक तेजी से पड़ सकता है।
भोजन में बैक्टीरिया मिलने के संभावित कारण
रिपोर्ट के अनुसार भोजन में बैक्टीरिया मिलने के पीछे कई कारण हो सकते हैं, जिनमें प्रमुख रूप से रसोई की साफ-सफाई में कमी, दूषित पानी का उपयोग, बर्तनों को ठीक से साफ नहीं करना, भोजन को सही तापमान पर सुरक्षित नहीं रखना तथा भोजन बनाने और परोसने के दौरान स्वच्छता का अभाव शामिल है।
शिक्षा विभाग ने जारी किए सख्त निर्देश
शिक्षा विभाग ने सभी जिलों को निर्देश दिया है कि विद्यालयों में भोजन तैयार करने से पहले रसोई की साफ-सफाई सुनिश्चित की जाए। भोजन बनाने वाले रसोइयों और किचन मैनेजर को व्यक्तिगत स्वच्छता का पालन करना होगा तथा भोजन पकाने और परोसने में स्वच्छ बर्तनों का उपयोग करना अनिवार्य होगा।
इसके अलावा भोजन बनाने में उपयोग होने वाले खाद्य पदार्थों को साफ पानी से धोना, पानी की गुणवत्ता सुनिश्चित करना तथा आवश्यकता पड़ने पर पानी को उबालकर उपयोग करना भी जरूरी बताया गया है। तैयार भोजन को उचित तापमान पर सुरक्षित रखने और रसोई क्षेत्र का नियमित सैनेटाइजेशन करने का निर्देश भी दिया गया है।
निदेशालय ने जिला अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया है कि विद्यालयों के निरीक्षण के दौरान इन दिशा-निर्देशों के अनुपालन की नियमित निगरानी की जाए और किसी भी प्रकार की लापरवाही पाए जाने पर आवश्यक कार्रवाई की जाए।




